Wednesday, February 4, 2026

आतंकियों के लिए नो-एस्केप ज़ोन: ‘ऑपरेशन केया’ के तहत लगातार एनकाउंटर जारी

उधमपुर/जम्मू: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के दो से तीन खूंखार आतंकियों को सुरक्षाबलों ने रामनगर के घने जंगलों में चारों ओर से घेर लिया है। बताया जा रहा है कि आतंकी एक प्राकृतिक गुफा में छिपे हुए हैं, जिन्हें ढेर करने के लिए सुरक्षाबलों ने ‘ऑपरेशन केया’ (Operation Kiya) के तहत अंतिम प्रहार की तैयारी कर ली है।

गुफा में छिपे हैं आतंकी, ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद

सूत्रों के अनुसार, उधमपुर के बसंतगढ़ और रामनगर के जोफर, गुजरीडा और चिगला बलोटा के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में मंगलवार से ही गोलीबारी हो रही है। खबर है कि सुरक्षाबलों की सटीक फायरिंग में एक आतंकी मारा गया है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि होनी अभी बाकी है। आतंकियों के भागने के सभी रास्तों को सील कर दिया गया है। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी भाग न सकें, इसके लिए इलाके में फ्लड लाइट और थर्मल इमेजिंग ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

पूरे प्रदेश में ‘ऑपरेशन ऑल-आउट’ के तहत 100 से ज्यादा सर्च ऑपरेशन

सिर्फ उधमपुर ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग जिलों में इस समय 100 से अधिक छोटे-बड़े ऑपरेशन जारी हैं। गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से ठीक पहले सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह हाई अलर्ट पर हैं।

  • किश्तवाड़ और पुंछ: इन जिलों के बर्फीले इलाकों में भी जैश के आतंकियों की तलाश के लिए ‘ऑपरेशन त्राशी’ (Operation Trashi) जैसे कड़े अभियान चलाए जा रहे हैं।

  • कड़ी घेराबंदी: सेना, सीआरपीएफ (CRPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष दस्ते (SOG) मिलकर जंगलों की खाक छान रहे हैं ताकि सीमा पार से घुसपैठ करने वाले आतंकियों का पूरी तरह सफाया किया जा सके।

पाकिस्तान की नई साजिश नाकाम

खुफिया सूचनाओं के अनुसार, पाकिस्तान में करीब 8 आतंकी कैंप फिर से सक्रिय हुए हैं, जहाँ 100 से 150 आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं। सेना प्रमुख ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि भारतीय सेना ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और अन्य अभियानों के जरिए दुश्मन की हर चाल को ना काम कर रही है। उधमपुर में छिपे आतंकी उसी समूह का हिस्सा बताए जा रहे हैं जो पिछले कुछ समय से जम्मू संभाग में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहा था।

अधिकारी का बयान: “हमारी प्राथमिकता आतंकियों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करना है, लेकिन अगर वे गोलीबारी जारी रखते हैं, तो उन्हें उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा। घेरा मजबूत है और आतंकियों का बचना नामुमकिन है।”

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