नई दिल्ली | अमेरिका के साथ हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते (Trade Deal) पर भारत सरकार ने अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मीडिया से मुखातिब होते हुए इस समझौते को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए “ऐतिहासिक मोड़” करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस डील में भारत के राष्ट्रीय हितों और संवेदनशील क्षेत्रों (जैसे कृषि और डेयरी) से कोई समझौता नहीं किया गया है।
किन उद्योगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
पीयूष गोयल ने बताया कि इस समझौते से भारत के निर्यात आधारित क्षेत्रों में जबरदस्त उछाल आएगा। प्रमुख लाभान्वित क्षेत्र इस प्रकार हैं:
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इंजीनियरिंग सामान: ऑटो कंपोनेंट्स और मशीनरी के निर्यात में बड़ी राहत मिलेगी।
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टेक्सटाइल (कपड़ा उद्योग): कम टैरिफ के कारण भारतीय गारमेंट्स अब अमेरिकी बाजार में वियतनाम और बांग्लादेश के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे।
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जेम्स एंड ज्वेलरी: रत्न और आभूषणों पर टैक्स कम होने से निर्यातकों के लिए नए रास्ते खुलेंगे।
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MSME और चमड़ा उद्योग: छोटे और मध्यम उद्योगों को अपने उत्पाद सीधे अमेरिकी बाजार में भेजने का मौका मिलेगा।
‘ट्रंप ने निभाया दोस्ती का मान’
वाणिज्य मंत्री ने इस सफल डील का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यक्तिगत केमिस्ट्री को दिया। उन्होंने कहा:
“राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी दोस्ती का मान रखा है। हम उनका धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने भारत की चिंताओं को समझा। यह समझौता दो बड़े लोकतंत्रों के बीच ‘साझा समृद्धि’ का प्रमाण है, जिस पर हर भारतीय को गर्व होगा।”
टैरिफ में भारी कटौती: 18% पर आई बात
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस डील के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगने वाले जवाबी टैरिफ (Reciprocal Tariff) को 25% से घटाकर 18% कर दिया है। पीयूष गोयल ने बताया कि अमेरिका ने खुद आगे बढ़कर इसकी पहल की क्योंकि वे पहले लगाए गए टैरिफ को वापस लेना चाहते थे।
डील की मुख्य बातें:
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| टैरिफ में बदलाव | 25% से घटकर अब 18% प्रभावी होगा। |
| सुरक्षित क्षेत्र | कृषि और डेयरी उत्पादों के हितों की रक्षा की गई। |
| भविष्य का लक्ष्य | 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करना। |
| नई तकनीक | AI और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में अमेरिकी निवेश बढ़ेगा। |
विपक्ष पर पलटवार
सदन में हो रहे हंगामे के बीच पीयूष गोयल ने विपक्षी नेताओं, विशेषकर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि नकारात्मक सोच वाले लोग देश की प्रगति को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि यह डील ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है।


