Wednesday, February 4, 2026

USD-INR Trad Deal : डॉलर के मुकाबले रुपया 130 पैसे मजबूत 3 साल की सबसे बड़ी छलांग के साथ 90.20 के स्तर पर पहुंचा

USD-INR Trad Deal , मुंबई/नई दिल्ली — भारतीय मुद्रा (रुपया) ने मंगलवार को विदेशी मुद्रा बाजार में अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर किया है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 130 पैसे की ऐतिहासिक बढ़त के साथ 90.20 के स्तर पर बंद हुआ। यह पिछले 3 वर्षों में एक दिन की सबसे बड़ी छलांग है। साल 2025 में एशियाई मुद्राओं में सबसे खराब प्रदर्शन करने के बाद, 2026 की यह रिकवरी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए “बूस्टर डोज” मानी जा रही है।

WhatsApp Data Sharing Case : डेटा प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, WhatsApp-Meta को कड़ी फटकार

रिकॉर्ड मजबूती के पीछे 2 बड़े कारण

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, रुपये में आई इस अप्रत्याशित मजबूती के पीछे दो मुख्य ट्रिगर रहे हैं:

  • भारत-अमेरिका ट्रेड डील: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत सरकार के बीच हुई हालिया डील के बाद अमेरिकी टैरिफ में कटौती (25% से घटकर 18% होना) ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
  • बजट 2026 के सुधार: केंद्रीय बजट में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए निवेश नियमों को सरल बनाने और इक्विटी निवेश के उदारीकरण ने डॉलर की आवक तेज कर दी है।

कारोबार के दौरान रुपया एक समय 90.13 तक भी पहुंचा, जो मार्च 2020 के बाद की सबसे बड़ी इंट्रा-डे रिकवरी है। पिछले हफ्ते रुपया 92 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिर गया था, जिससे आयातकों में घबराहट थी।

आधिकारिक बयान और बाजार विशेषज्ञों की राय

“यह केवल एक तकनीकी सुधार नहीं है, बल्कि भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में आए नए मोड़ का नतीजा है। 130 पैसे की बढ़त दिखाती है कि अब रुपया अपनी वास्तविक क्षमता के करीब पहुंच रहा है।” — वी.के. विजयकुमार, चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट

आम नागरिकों पर क्या होगा सीधा असर?

रुपये की इस मजबूती से आम आदमी की जेब को बड़ी राहत मिलने वाली है:

  • सस्ता होगा कच्चा तेल: डॉलर सस्ता होने से भारत का तेल आयात बिल कम होगा, जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में गिरावट की संभावना है।
  • इलेक्ट्रॉनिक सामान के दाम घटेंगे: विदेश से आने वाले स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य पुर्जे सस्ते होंगे।
  • विदेश यात्रा और शिक्षा: भारतीय छात्रों के लिए डॉलर खरीदना अब कम खर्चीला होगा, जिससे विदेश में पढ़ाई का बजट सुधरेगा।

क्या 90 के नीचे जाएगा रुपया?

HSBC और अन्य प्रमुख रेटिंग एजेंसियों ने अनुमान जताया है कि मार्च 2026 के अंत तक रुपया 88.50 से 89 के स्तर तक पहुंच सकता है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस मजबूती पर पैनी नजर रखे हुए है ताकि निर्यातकों (Exporters) के हितों को नुकसान न पहुंचे।

.

Recent Stories