रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव ने पार्टी के भीतर सक्रियता को लेकर बड़ा बयान दिया है। बातचीत में सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस में अब ‘फूल छाप’ कांग्रेसियों की पहचान करना जरूरी हो गया है। उन्होंने ऐसे नेताओं पर निशाना साधा जो सिर्फ अवसर आने पर ही सक्रिय होते हैं और मुश्किल समय में पीछे हट जाते हैं।
सिंहदेव ने कहा कि पार्टी को मजबूत करने के लिए उन कार्यकर्ताओं और नेताओं को आगे लाना चाहिए जो लगातार जमीन पर काम करते हैं और संगठन के प्रति प्रतिबद्ध रहते हैं। केवल सत्ता या चुनाव के समय सक्रिय होने वालों से पार्टी को नुकसान होता है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ अपने संबंधों को लेकर पूछे गए सवाल पर सिंहदेव ने कहा कि उनके और बघेल के रिश्ते ऐसे नहीं हैं कि “एक उत्तर देखे और दूसरा दक्षिण।” उन्होंने साफ किया कि मतभेद होना अलग बात है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपसी संबंध खराब हों।
सिंहदेव के इस बयान को कांग्रेस के भीतर आत्ममंथन और संगठनात्मक सुधार की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में उनके बयान के मायने निकाले जा रहे हैं, खासकर ऐसे समय में जब पार्टी चुनावी हार के बाद नए सिरे से रणनीति बनाने में जुटी है।


