Wednesday, February 4, 2026

भारतीय मूल के जोहरान ममदानी बने न्यूयॉर्क सिटी के पहले मुस्लिम मेयर, कुरान पर हाथ रखकर ली शपथ

न्यूयॉर्क। भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने इतिहास रचते हुए न्यूयॉर्क सिटी के पहले मुस्लिम मेयर के रूप में पद की शपथ ली। 34 वर्षीय डेमोक्रेट नेता ममदानी ने गुरुवार को कुरान पर हाथ रखकर शपथ ग्रहण की। अब तक न्यूयॉर्क सिटी के अधिकांश मेयर बाइबिल पर हाथ रखकर शपथ लेते रहे हैं, हालांकि अमेरिकी संविधान के तहत शपथ के लिए किसी धार्मिक ग्रंथ का उपयोग अनिवार्य नहीं है।

जोहरान ममदानी न केवल न्यूयॉर्क सिटी के पहले मुस्लिम मेयर बने हैं, बल्कि वे पहले दक्षिण एशियाई और पहले अफ्रीका में जन्मे मेयर भी हैं। उनका जन्म युगांडा में हुआ था और वे भारतीय मूल के हैं।

बंद पड़े सबवे स्टेशन में निजी शपथ ग्रहण समारोह
ममदानी ने न्यूयॉर्क सिटी हॉल के नीचे स्थित एक बंद पड़े सबवे स्टेशन में निजी शपथ ग्रहण समारोह में पद की शपथ ली। इस मौके पर उनके परिवार के सदस्य मौजूद रहे। इसके बाद दोपहर में एक सार्वजनिक शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाना है।

निजी समारोह के दौरान ममदानी ने दो कुरानों पर हाथ रखकर शपथ ली। इनमें से एक कुरान उनके दादा की थी, जबकि दूसरी एक पॉकेट साइज कुरान है, जिसे 18वीं सदी के अंत या 19वीं सदी की शुरुआत का माना जा रहा है।

ऐतिहासिक कुरान का विशेष महत्व
जिस पॉकेट साइज कुरान पर ममदानी ने शपथ ली, वह न्यूयॉर्क पब्लिक लाइब्रेरी के शॉम्बर्ग सेंटर फॉर रिसर्च इन ब्लैक कल्चर के संग्रह का हिस्सा है। यह कुरान अश्वेत प्यूर्टो रिकन इतिहासकार आर्तुरो शॉम्बर्ग के संग्रह में शामिल रही है। स्कॉलर्स के अनुसार, यह कुरान अमेरिका और अफ्रीका में इस्लाम तथा अश्वेत संस्कृतियों के ऐतिहासिक संबंधों को दर्शाती है।

इस कुरान पर गहरे लाल रंग की सादी जिल्द है, जिस पर फूलों की आकृति बनी हुई है। अंदर काले और लाल रंग की स्याही से लेखन किया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि इसे रोजमर्रा के उपयोग के लिए तैयार किया गया था। तारीख और लेखक का नाम न होने के कारण इसकी उम्र का अनुमान लेखन शैली और जिल्द के आधार पर लगाया गया है। माना जाता है कि यह उस्मानी दौर में उस क्षेत्र में तैयार हुई थी, जिसमें आज का सीरिया, लेबनान, इजराइल, फिलिस्तीनी इलाके और जॉर्डन शामिल हैं।

दूसरे समारोह में दादा-दादी की कुरान से लेंगे शपथ
दूसरे सार्वजनिक शपथ ग्रहण समारोह में ममदानी अपने दादा और दादी दोनों की कुरानों का उपयोग करेंगे। शपथ ग्रहण के लिए कुरान का चयन उनकी पत्नी रमा दुवाजी ने किया है। स्कॉलर्स के अनुसार, शपथ में इस्तेमाल की गई ये कुरान न्यूयॉर्क शहर की बड़ी और लंबे समय से मौजूद मुस्लिम आबादी का प्रतीक हैं।

चुनाव अभियान में महंगाई और धार्मिक पहचान रही अहम
चुनाव अभियान के दौरान जोहरान ममदानी ने महंगाई को प्रमुख मुद्दा बनाया था। इसके साथ ही उन्होंने अपने धार्मिक विश्वासों को भी खुलकर सामने रखा। उन्होंने शहर की मस्जिदों का दौरा किया और पहली बार मतदान करने वाले कई दक्षिण एशियाई और मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन हासिल किया।

न्यूयॉर्क पब्लिक लाइब्रेरी की क्यूरेटर हिबा आबिद के अनुसार, जिस कुरान पर ममदानी ने शपथ ली, उसकी न्यूयॉर्क तक की यात्रा उनके जीवन और पृष्ठभूमि से मेल खाती है। ममदानी भारतीय मूल के न्यूयॉर्कवासी हैं, जिनका जन्म युगांडा में हुआ, जबकि उनकी पत्नी अमेरिकी-सीरियाई हैं।

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