नई दिल्ली। दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस की जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को एक और बड़ा सुराग हाथ लगा है। लगातार हो रही पड़ताल में खुलासा हुआ है कि इस फिदायीन हमले में शामिल लखनऊ की डॉ. शाहीन सईद पिछले 10 साल से पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी हुई थी। इस बात की पुष्टि नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने की है।
अधिकारी के अनुसार, शाहीन 2016 में जैश-ए-मोहम्मद की एक्टिव मेंबर बनी थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि उसने लगभग एक साल तक संगठन को संवेदनशील सूचनाएं भेजीं, जिनका इस्तेमाल आतंकी नेटवर्क ने अपने उद्देश्यों के लिए किया।
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10 साल की गतिविधियों की जांच तेज
सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि पिछले एक दशक में शाहीन भारत में कहां-कहां रही, उसकी किन-किन लोगों से नजदीकी बढ़ी और उसने किस तरह अपना नेटवर्क तैयार किया। एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या उसने किसी स्थानीय मॉड्यूल को सपोर्ट किया था।
जैश के संपर्कों की तलाश
NIA सूत्रों के मुताबिक, शाहीन के फोन रिकॉर्ड, बैंक डिटेल्स, डिजिटल गतिविधियां और विदेश यात्रा से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच का दायरा उन लोगों तक भी बढ़ाया जा रहा है, जो उसके संपर्क में थे।


