रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय में जल संसाधन विभाग की गहन समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने राज्य में चल रही सिंचाई परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में लुत्ती बांध के टूटने की घटना पर विशेष रूप से नाराजगी जाहिर की और कहा कि अधिकारियों-कर्मचारियों के फील्ड में नियमित निरीक्षण न करने के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
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सिंचाई परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता से और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में देरी होने से किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। बैठक में बोधघाट वृहद् परियोजना, इंद्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना, शेखरपुर जलाशय और डांडपानी जलाशय जैसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई और उनके निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
निलंबन की कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के भी संकेत दिए। हाल ही में, मुंगेली के जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता आर.के. मिश्रा को वर्षों से अधूरी पड़ी सिंचाई परियोजनाओं के लिए निलंबित भी किया गया था। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराने की चेतावनी दी है।
बाढ़ राहत कार्यों की भी समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री ने हाल ही में हुई भारी बारिश से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आपदा के दौरान त्वरित और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 का कड़ाई से पालन किया जाए और जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।


