वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने 61 हजार नई दुल्हनों का सम्मान:संविदा कर्मियों की नहीं लगेगी चुनावी ड्यूटी, 80+ और दिव्यांगों की डाकमत पत्रों से वोटिंग

छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव में संविदा और अनियमित कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। प्रदेश में चुनावी तैयारियों की समीक्षा करने पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने प्रेस से चर्चा करते हुए बताया कि सरकारी कर्मचारियों की ही चुनाव में ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके अलावा 80 साल से ऊपर और दिव्यांग मतदाता डाक मत पत्र से वोट कर सकेंगे। साथ ही नई बहुओं को वोटिंग के लिए जागरूक करने नव वधु सम्मान समारोह भी चलाया गया है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि इसके लिए 80 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को इलेक्शन नोटिफिकेशन के 5 दिनों के अंदर आवेदन करना होगा। साथ ही 40 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांगता होने पर ही मतदान कराने के लिए टीम उनके घर पहुंचेगी। हालांकि उन्होंने कहा यह भी कहा कि बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता वोटिंग के लिए मतदान केन्द्र जाना ही ज्यादा पसंद करते हैं। बीते दिनों जिन राज्यों में इलेक्शन हुए वहां बुजुर्ग और दिव्यांगों का अच्छा रिस्पॉन्स रहा।

भारत निर्वाचन आयोग की टीम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तैयारियों की जानकारी दी।
भारत निर्वाचन आयोग की टीम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तैयारियों की जानकारी दी।

छत्तीसगढ़ में पुरुषों से ज्यादा महिला मतदाता

  • मतदाताओं की कुल संख्या – 1.97 करोड़
  • पुरुष मतदाताओं की संख्या – 98.2 लाख
  • महिला मतदाताओं की संख्या – 98.5 लाख
  • ट्रांसजेंडर्स मतदाता – 762
  • 80 साल से ज्यादा उम्र वाले – 2.02 लाख
  • दिव्यांग मतदाता – 1.47 लाख
  • सर्विस इलेक्टर्स – 19,854

विशेष संरक्षित जनजातियों के लिए चलेगा अभियान

उन्होंने बताया कि इसके अलावा प्रदेश में विशेष संरक्षित जनजातियों को जोड़ने का अभियान भी चलेगा। अबूझमाड़िया, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर और बैगा जनजाति के मतदाताओं को वोट डालने के लिए अलग से जागरूक किया जाएगा। प्रदेश में इन जनजातियों की कुल आबादी 1.86 लाख है, जिनमें 18 साल से ज्यादा उम्र के 1.15 लाख मतदाता हैं।

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