60 फीसद गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों ने नहीं दिया ब्यौरा रद हो सकता है पंजीयन, भारत निर्वाचन आयोग सख्ती की तैयारी में

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में पंजीकृत 38 गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों में से सिर्फ दस ने ही आय व्यय का ब्यौरा निर्वाचन आयोग में जमा किया है। यही नहीं, 80 फीसद राजनीतिक दलों ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार ही नहीं उतारे। अब निर्वाचन आयोग ऐसे पंजीकृत दलों पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। दरअसल, राजीतिक दल के रूप में पंजीयन कराने के बाद टैक्स में छूट सहित कई सुविधाएं मिलती हैं।

आयोग उन दलों की मान्यता खत्म करने पर विचार कर रहा है, जिन्होंने चुनाव में न तो उम्मीदवार उतारे, न ही आय-व्यय का ब्यौरा ही दिया। निर्वाचन आयोग देश के दो हजार 174 पंजीकृत राजनीतिक दलों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है। आयोग ने छत्तीसगढ़ से भी राजनीतिक दलों की जानकारी तलब की है।

निर्वाचन आयोग के आला अधिकारियों ने बताया कि गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों पर वित्तीय अनियमितता सहित समय पर सालाना आडिट रिपोर्ट पेश न करने और चुनाव खर्च का ब्यौरा न देने जैसे गंभीर आरोप है। इनमें बड़ी संख्या में ऐसी पार्टियां भी है, जिन्होंने वर्ष 2018 का विधानसभा और वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ा है।

बावजूद उन्होंने करोड़ों स्र्पये की टैक्स छूट हासिल की है। आयोग ने पारदर्शिता के लिए राजनीतिक दलों को मिलने वाले चुनावी चंदे, चुनावी खर्च, बैंक खातों और पैनकार्ड की जानकारी मांगी है। जानकारी नहीं देने वाले दलों को मिलने वाली टैक्स छूट पर निर्वाचन आयोग रोक लगाने पर विचार कर रहा है। नियमों के मुताबिक चुनाव खत्म होने के 90 दिनों के भीतर सभी राजनीतिक दलों को चुनावी खर्च का ब्यौरा देना जरूरी है।

.

Recent Stories