Sunday, February 15, 2026

हाई कोर्ट का आदेश दरकिनार , आदेश के बाद भी भंग नहीं हुई अल्पमत कमेटी

कोरबा । एसईसीएल एम्प्लाईज कोआपरेटिव थिप्ट क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड के संचालक मंडल के छह सदस्यों के त्याग पत्र देने के बावजूद कमेटी को भंग नहीं किया गया। त्याग पत्र दिए सदस्यों की याचिका पर हाई कोर्ट ने कमेटी भंग करने कहा, पर अभी तक कमेटी भंग नहीं हो सकी।एम्प्लाईज कोआपरेटिव थिप्ट क्रेडिट सोसाइटी का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा।चुनाव के बाद से ही विवाद की स्थिति निर्मित हो गई थी। संचालक मंडल के छह सदस्यों ने 23 दिसंबर को हुए निर्वाचन के बाद अपरिहार्य कारणों से सात जनवरी को संचालक मंडल सदस्य पद से त्याग पत्र दे दिया था। इसके बाद अल्पमत कमेटी को भंग नही किया गया। बाद में त्यागपत्र दिए सभी सदस्यों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की। इस पर हाई कोर्ट ने भी उनके पक्ष में आदेश देते हुए अल्पमत की कमेटी भंग करने कहा। त्याग पत्र दिए सदस्य डीके सरनाइक व हरनारायण केशरवानी ने बताया कि उप पंजीयक सहकारीसंस्थाएं ने त्याग पत्र देने के बाद सत्यापन की प्रक्रिया नौ फरवरी को कराया गया। जांच के उपरांत त्याग पत्र की प्रक्रिया सही पाई गई, इसके बावजूद अल्पमत की कमेटी को भंग नहीं किया। उन्होने उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं को पत्र लिख कर कहा है कि अल्पमत कमेटी को समर्थन व संरक्षण दिया जा रहा है, यही वजह है कि लाखों की नगदी निकासी एक से 21 जनवरी के म्ध्य की गई और करोड़ों का लेन-देन भी किया गया। इसकी शिकायत समय-समय पर दी गई थी, अल्पमत के कोरम को खुला समर्थन देते हुए इस पर रोक नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा कि 15 फरवरी को उच्च न्यायालय के निर्णय आने के बाद कमेटी भंग किया जाना था, पर अभी तक अल्पमत की कमेटी को भंग नहीं किया गया है, शीघ्र ही इस पर कार्रवाई करते हुए कमेटी भंग नहीं की गई तो कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा

 

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