बिलासपुर में 12 से 14 साल के 80 हजार बच्चों को कोरोना टीका लगाने का टारगेट है। पहले दिन जिला अस्पताल स्थित वैक्सीनेशन सेंटर में बच्चों की आरती उतार कर माथे पर तिलक लगाया गया। फिर उनका वैक्सीनेशन किया गया। बच्चों ने कहा कि वैक्सीनेशन को लेकर उन्हें इंतजार था। कोरोना से बचने के लिए टीकाकरण जरूरी है। इससे डरने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, होली पर्व के चलते पहले दिन टीकाकरण की धीमी शुरुआत हुई और गिने-चुने बच्चे ही वैक्सीनेशन कराने पहुंचे।
जिले में 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण सुबह 10.30 बजे से शुरू हुआ। CMHO प्रमोद महाजन, टीकाकरण अधिकारी डॉ. मनोज सेमुअल सहित अन्य अधिकारियों ने फीता काटकर वैक्सीनेशन की शुरूआत की। इस दौरान अस्पताल स्टॉफ ने पूजा की थाली सजाकर रखी थी। वैक्सीनेशन के लिए पहुंचे बच्चों का पहले आरती उतारकर स्वागत किया और उनके माथे पर तिलक लगाकर वैक्सीन लगाई गई।
80 हजार बच्चों के वैक्सीनेशन का है टारगेट
12 से 14 ऐज ग्रुप के बच्चों की संख्या जिले में 80 हजार है। इसमें छठवीं, सातवीं और आठवीं कक्षा के बच्चे आते हैं। पहले दिन सिर्फ जिला अस्पताल स्थित सेंटर में टीका लगाया जा रहा है। अस्पताल में अन्य ऐज ग्रुप वालों से इनके टीकाकरण की व्यवस्था अलग से बनाई गई है, ताकि उन्हें वैक्सीन लगाने में किसी तरह की परेशानी न हो। बच्चों को बायोलॉजिकल-ई की वैक्सीन ‘कोर्बोवैक्स’ लगाई जा रही है। वैक्सीन के 70 हजार डोज उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग के स्टोर में वैक्सीन को सुरक्षित रखा है।


