Thursday, February 19, 2026

वाहनों की कुर्की कर टैक्स वसूलेगी सरकार:परिवहन विभाग ने आठ महीनों में टैक्स डिफाल्टरों से 20.50 करोड़ वसूले; बचे बकायेदारों को नोटिस

छत्तीसगढ़ का परिवहन विभाग बकाये टैक्स की वसूली के लिए गाड़ियों की कुर्की करने जा रहा है। इसके लिए टैक्स डिफाल्टर घोषित किए गए वाहन मालिकों को नोटिस जारी किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है, अगर तय समय के भीतर ऐसे लोगों ने टैक्स अदा नहीं किया तो गाड़ियों की कुर्की कर भू-राजस्व की तरह वसूली की जाएगी।

परिवहन अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक जिले के परिवहन अधिकारी की ओर से टैक्स डिफाल्टरों की सूची के मुताबिक सार्वजनिक नोटिस जारी की जा रही है। इसके अलावा ऐसे लोगों से व्यक्तिगत सम्पर्क स्थापित कर टैक्स वसूली की कोशिश जारी है। उसके बाद भी टैक्स डिफाल्टर वाहन स्वामियों ने बकाया टैक्स जमा करने में रूचि नहीं दिखाई तो उनके खिलाफ भू-राजस्व संहिता के तहत वसूली की कार्यवाही होगी। वाहनों की कुर्की कर वसूली की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया, वाहन मालिकों को एक मौका देने के लिए सरकार ने पिछले साल एकमुश्त निपटान योजना शुरू की थी। इसके तहत 13 सितंबर 2021 से 31 मार्च 2022 तक एकमुश्त बकाया चुकाने पर छूट का भी प्रावधान था। इस योजना के तहत 2 हज़ार 135 वाहनों से 20 करोड़ 50 लाख रुपए बकाया टैक्स वसूल किया गया है। इसके अतिरिक्त विभाग ने 2 हजार 37 वाहनों को जब्त किया है, इनसे टैक्स की वसूली अभी तक नहीं हो पाई है।

टैक्स डिफाल्टरों में कई नामी कंपनियों में लगी गाड़ियां

परिवहन विभाग ने बताया है, जायसवाल, एनईसीओ, एसकेएस, सार्थक इस्पात, गोदावरी इस्पात, हाइटेक यार्ड, शारदा एनर्जी सिलतरा सहित कई कंपनियों और फैक्ट्रियों में टैक्स जमा नहीं करने वाली वाहनों को जब्त किया गया है। इन वाहन मालिकों पर परिवहन विभाग का लगभग 50 लाख रुपया बकाया है। इसी तरह विभिन्न फाइनेंस कंपनियों की 78 गाड़ियां जब्त की गई हैं। यार्ड में खड़ी गाड़ियों के लिए नोटिस जारी किये गये हैं। यार्ड में खड़े जब्त वाहनों का टैक्स जमा करने के लिए फाइनेंस कंपनियों को नोटिस जारी किया गया है। इसमें ऐसी गाड़ियां भी शामिल हैं जिन्हें फाइनेंसरों ने कर्ज की किश्त अदा नहीं कर अपने यार्ड में खड़ा कर दिया था।

पिछले साल से 19.69% अधिक राजस्व की वसूली

परिवहन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल 1373 करोड़ 91 लाख रुपए का राजस्व अर्जित किया। जिसमें शुल्क 196 करोड़ 64 लाख रुपए समझौता शुल्क अथवा फाइन से आए। 193 करोड़ 61 लाख रुपए टैक्स, जीवनकाल कर, मासिक कर से आए। वहीं त्रैमासिक कर से 983 करोड़ 66 लाख रुपए का राजस्व अर्जित किया गया है। विभाग ने वर्ष 2020-21 में इन्हीं मदों से 1147 करोड़ 92 लाख रुपए का राजस्व अर्जित किया था। इस मान से 2021-22 में विभाग ने 19.69% राजस्व वृद्धि दर्ज करते हुए 225 करोड़ 99 लाख रुपए अधिक राजस्व इकट्‌ठा किया है।

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