रिटर्न कोरोना का दहशत: जांच सेंटर बंद, डॉक्टरों की चांदी

रायपुर। देश में कोरोना की वापसी का खौफ राजधानी में दिखाई देने लगा है। निजी क्लीनिकों और सरकार अस्पतालों में सर्दी-खांसी के मरीजों की भीड़ बढऩे से डाक्टरों ने अनाप-शनाप फीस लेना शुरु कर दिया है। साथ ही कोरोना के एंटीबाइटिक दवाइयों के साथ पैरासिटामॉल की दवाई अपने क्लिीनिक से दे रहे या फिर मेडिकल स्टोर्स वालों से सांठगांठ कर मंहगी दवाई लिखकर फिर से मेडिकल दुकान वालों की कमाई को बढ़ा दिया है।
शहर में सर्दी बुखार खांसी का प्रकोप विगत एक हफ्ते से राजधानी रायपुर के हर गली मोहल्ले में सर्दी खांसी बुखार के मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है । कमोबेश कोरोनाकाल में जिस हिसाब से लोगों को सर्दी-खांसी और बुखार तेज के साथ हरारत और शरीर में जकडऩ होती थी, उसी के तर्ज पर दर्द देती यह बीमारी घरों-घर फैलती जा रही है । प्राय: सभी मोहल्ला की क्लीनिक और डॉक्टर के यहां इसी टाइप के मरीज बहुत बड़ी संख्या में आने लगे है। लोगों ने लापरवाहीपूर्वक फिर से अपनी जीवनशैली अपना ली है। कोरोना काल की पाबंदी हटते ही मास्क अब पहन नहीं रहे हैं जनता पाबंदी के साथ ने दुनिया में रहना जो सीखा था, वह फिर लगभग भूल गए हैं । किसी प्रकार की टेस्टिंग अब लोग नहीं करा रहे हैं । टेस्टिंग सेंटर बंद हो चुके हैं कोरोना टेस्टिंग नहीं के बराबर करा रहे हैं ।

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