Wednesday, February 4, 2026

महिला ने नौकरी लगाने के नाम पर 03 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। आरोपिया को धारा 420 के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जेल

महिला ने नौकरी लगाने के नाम पर 03 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। आरोपिया को धारा 420 के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जेल

कोरबा। शिकायतकर्ता रेहाना परवीन यासिनी निवासी रेस्क्यू कालोनी नेहरूनगर कुसमुण्डा की थाना कुसमुण्डा उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज करायी वही पड़ोस में रहने वाले सुमन सारथी की लड़की तरूणी सारथी से अच्छी जान पहचान थी जो कभी कभी रेहाना घर आना जाना करती थी जो कि रेहाना परवीन यासिनी से बोली मैं तुम्हारे दोनो बच्चों की एसईसीएल या रेल्वे में नौकरी लगवा दूंगी मेरी पहचान बहुत उपर तक है जिस पर रेहाना बोली कि मेरे दोनों बच्चे (लड़की व लड़का) इंजीनियरिंग किये है, यदि उनकी नौकरी लगवा सकती हो तो बताओ तब आरोपिया तरूणी सारथी बोली कि आप मेरे इंडियन बैंक के खाता में रूपये ट्रांसफर कर दो बाकी मैं काम करवा दूंगी कहकर बोली तब रेहाना द्वारा किस्त किस्त में कुल 02 लाख रुपये आरोपिया तरुणी सारथी के इंडियन बैंक खाता कमांक 6098298849 में रुपया/पैसा ट्रांसफर की है तथा रेहाना के दामाद को भी आरोपीया तरुणी सारथी के द्वारा अपने झांसे में लेकर नौकरी लगाने के नाम पर 01 लाख रूपये की ठगी की है जब रूपये की मांग करने लगे तो अपना मोबाइल बंद कर देती थी। वही शिकायतकर्ता रेहाना परवीन यासिनी को झूठे केस में फंसा देने की धमकी देती थी। तब पुलिस ने शिकायतकर्ता रेहाना के रिपोर्ट पर थाना कुसमुण्डा में आरोपिया तरूणी सारथी के विरुद्ध धारा 420 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना कार्यवाही में लिया और मामला की गंभीरता को देखते हुये।पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल द्वारा थाना प्रभारी लीलाधर राठौर के नेतृत्व में आरोपिया तरुणी सारथी पिता सुमन सारथी उम्र 44 वर्ष निवासी मकान नंबर 863 विवेकानंद नगर फेस -1 मोपका जिला बिलासपुर की रहने वाली थी। जिनके गिरफ्तारी के लिए थाना कुसमुण्डा से विशेष टीम गठित किया वही फरार आरोपिया तरुणी सारथी की पतासाजी में टीम जुट गई पतासाजी दौरान ज्ञात हुआ कि आरोपिया तरूणी सारथी अपने मोबाईल को बंद करके बिलासपुर में जगह बदल बदल कर छिप रही है, जिस पर थाना कुसमुण्डा पुलिस टीम उसके मिलने के संभावित स्थानों पर मुखबिर तैनात कर पतासाजी में जुट गई। जो पतासाजी दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुआ कि आरोपिया तरुणी सारथी बिलासपुर के मोपका क्षेत्र में छिपकर रह रही है। जिसे घेराबंदी कर पकड़ लिए, आरोपिया तरुणी सारथी से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी कर रकम लेना स्वीकार करने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। कार्यवाही मे निरीक्षक लीलाधर राठौर, प्रधान आरक्षक जलवेश कंवर,ईश्वरी लहरे, राजनारायण सिंह, आरक्षक पुष्पेन्द्र पटेल, संजय सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है

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