रायपुर 30 अप्रैल 2025। रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कावरे ने एक महत्वपूर्ण बैठक ली जिसमें रायपुर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। बैठक में भारतमाला परियोजना में सामने आई गड़बड़ियों, गिरते जल स्तर, और नवीन कानूनी दिशा-निर्देशों पर विस्तृत चर्चा की गई।
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में हुए घोटाले के मद्देनज़र इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। आयुक्त कावरे ने कहा कि परियोजना से जुड़े मुआवजा वितरण में आई अनियमितताओं की हर स्तर से जांच की जा रही है, और जिन लोगों को उचित मुआवजा नहीं मिला है, उनकी शिकायतों को भी प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा।
उन्होंने बताया कि 2019 से लेकर अब तक के सभी मुआवजा प्रकरणों का प्रकाशन किया जाएगा, और आम नागरिक 15 दिनों की समय सीमा में दावा और आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है।
इसके साथ ही, परियोजना से जुड़े मामलों की जांच एसीबी (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) द्वारा की जा रही है। कावरे ने स्पष्ट किया कि यदि मुआवजा वितरण में किसी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है या किसी व्यक्ति को कम मुआवजा दिया गया है, तो उसकी भी जांच की जाएगी।
गिरफ्तारी या अन्य आपराधिक कार्रवाइयों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में जानकारी एसीबी द्वारा ही दी जाएगी।
बैठक में अन्य मुद्दों के अलावा गिरते भूजल स्तर को लेकर भी चिंता जताई गई और इससे निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन को जल संरक्षण एवं प्रबंधन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
इस बैठक को प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो न केवल भारतमाला परियोजना की पारदर्शिता को सुनिश्चित करेगा, बल्कि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने में भी सहायक सिद्ध होगा।


