बसंतपुर स्थित जिला अस्पताल की पुरानी बदहाल बिल्डिंग खतरनाक साबित हो रही है। यहां पर बारिश के बाद छत में सीपेज की समस्या सामने आ रही है और यहां से करंट का खतरा भी बढ़ गया है। सोमवार रात को बारिश के बीच प्रसूताओं के रेस्ट के लिए बनाए गए कक्ष के स्विच बॉक्स में करंट दौड़ गया था। इसके बाद यहां अस्पताल में हड़कंप मच गया। रेस्ट वार्ड में रखे गए प्रसूताओं को आनन-फानन में दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। देर रात तक शिफ्टिंग का काम चलता रहा। मरीजों के साथ ही अस्पताल के कर्मचारी परेशान रहे।
बताया गया कि यहां पर हर वार्ड में सीपेज की गंभीर समस्या बनी हुई है। कुछ जगहों पर छत जर्जर है। प्लास्टर भी उखड़ गए हैं। इसलिए सीपेज की समस्या बनी रहती है। कर्मचारियों का कहना है कि मरम्मत नहीं करा रहे हैं। इससे बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है। बताया कि जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती नवजात शिशुओं की माताओं के ठहरने के लिए अस्पताल के वार्ड को सुरक्षित रखा गया है। इस वार्ड में प्रसूताओं को रखा जाता है ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें भर्ती नवजात शिशुओं के पास ले जाया जा सके।
कर्मचारियों ने रात को ही सिविल सर्जन को इसकी सूचना दी। सीएस के निर्देश पर प्रसूताओं को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। कर्मचारियों ने बताया कि अस्पताल परिसर में लगे स्विच बॉक्स सहित अन्य उपकरण भी पुराने हो गए हैं। हाल ही में जब प्रशासन की ओर से अस्पताल की मरम्मत के लिए राशि जारी की गई थी तब यहां पर बिजली उपकरणों की मरम्मत की बजाय रंगरोगन और पोस्टर, बैनर लगाए गए। यही वजह है कि बिजली लाइन में करंट आने की समस्या सामने आ रही है। बारिश के बाद यहां पानी भरने की समस्या है। पूरे परिसर के फर्श में नमी आ रही है। ऐसे में करंट से और बड़ा हादसा हो सकता है।


