Wednesday, February 18, 2026

पाकिस्तान में सियासी घमासान :केयरटेकर PM के लिए पूर्व जज अजमत सईद का नाम, इन्होंने ही पनामा केस में नवाज को सजा सुनाई थी

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली को भंग किए जाने के बाद इमरान खान को पीएम पद से हटा दिया गया। हालांकि, वह केयरटेकर प्रधानमंत्री की नियुक्ति तक 15 दिनों तक पीएम के रूप में काम जारी रख सकते हैं। इस दौरान उन्हें फैसले लेने का अधिकार नहीं होगा।

इस बीच इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने केयरटेकर पीएम के लिए पूर्व जज अजमत सईद का नाम सुझाया है। सईद उस बेंच का हिस्सा थे, जिसने पनामा पेपर लीक मामले में पूर्व पीएम नवाज शरीफ को दोषी करार दिया था।

इमरान खान आज 3:30 बजे पाकिस्तान को संबोधित करेंगे
इमरान खान आज 3:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। इससे पहले रविवार को संसद की कार्यवाही 10 मिनट भी नहीं चली। डिप्टी स्पीकर ने अविश्वास प्रस्ताव खारिज कर दिया और संसद की कार्यवाही को 25 अप्रैल तक स्थगित कर दिया। इसके कुछ देर बाद इमरान खान की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने नेशनल असेंबली भंग कर दी।

सुप्रीम में सोमवार को सुनवाई
अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। चीफ जस्टिस ऑफ पाकिस्तान जस्टिस उमर अता बंदियाल ने मामले पर खुद संज्ञान लिया। उन्होंने कहा- सुप्रीम कोर्ट संसद के मामलों में एक हद तक दखल देने का अधिकार रखता है। स्पीकर, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति समेत कई लोगों को नोटिस जारी किया। इस पर सोमवार को सुनवाई होगी।

जस्टिस बांदियाल की टिप्पणी इसलिए अहम हो जाती है, क्योंकि इमरान सरकार में दो दिन पहले ही कानून मंंत्रालय का प्रभार लेने वाले फवाद चौधरी ने कहा था कि संसद सबसे ऊपर है और इसके फैसलों को सुप्रीम कोर्ट या किसी और कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती।

अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने के बाद विपक्ष के तमाम नेता संसद में ही बैठ गए। कुछ देर बाद सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंच गया। बाद में विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ ने दो टूक लफ्जों में कहा- इमरान खान घमंड से चूर हैं। उन्होंने लोकतंत्र की हत्या की है।

उन्होंने कहा कि अब हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस मुल्क को संवैधानिक अधिकार दिलाएगा। हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करेंगे। अगर वो चुनाव के लिए कह रहे हैं तो हम तैयार हैं, लेकिन अगर अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग का मामला आता है तो हम उसका स्वागत करेंगे।

पाकिस्तान के संविधान विशेषज्ञ डॉक्टर मुर्तजा अहमद के मुताबिक, राष्ट्रपति के नोटिफिकेशन के बाद अब इमरान खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नहीं रह गए हैं। दूसरी बात, नेशनल असेंबली भंग कर दी गई है, लिहाजा वो सत्ताधारी पार्टी के संसदीय नेता भी नहीं बचे।

आर्टिकल 224 के मुताबिक, एक बार जब प्रेसिडेंट नोटिफिकेशन जारी कर देता है तो प्रधानमंत्री की सिलेक्टिव एडमिनिस्ट्रेटिव पावर्स खत्म हो जाती हैं यानी वह केयरटेकर प्रधानमंत्री की नियुक्ति तक 15 दिनों तक पीएम के रूप में काम जारी रख सकते हैं, लेकिन उन्हें फैसले लेने का अधिकार नहीं होगा। इसके बाद बाकी वक्त या चुनाव होने तक केयरटेकर गवर्नमेंट बनेगी। इसे इमरान लीड नहीं कर सकेंगे।

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