किसानों (Farmers) ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ अपना विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया है. मंगलवार को 23 किसान संगठन चंडीगढ़ (Chandigarh) की ओर मार्च कर रहे हैं. इस बीच चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर किसानों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की है. इसके बाद पुलिस और किसानों (Farmers Protest) के बीच झड़प भी हुई है. किसान संगठनों (Farmers Union) का आरोप है कि राज्य सरकार ने उनसे वादाखिलाफी की है.
संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान संगठनों ने इस बार पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है. किसानों का कहना है कि उन्होंने गेहूं पर 500 रुपये के बोनस की मांग की थी. इस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान राजी थे. लेकिन अभी तक सरकार की ओर से कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है.
बिजली के प्रीपेड मीटर के खिलाफ हैं किसान
किसानों ने कहा है कि हमारी ओर से बासमती और मूंग के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी का नोटिफिकेशन जारी करने की मांग कर रहे हैं. साथ ही बिजली के प्रीपेड मीटर को ना लगाए जाने की मांग कर रहे हैं. किसानों ने साफतौर पर चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मान ली जाएंगी वे चंडीगढ़ ओर बढ़ना जारी रखेंगे. साथ ही दिल्ली की तरह ही मोर्चा भी स्थापित करेंगे.
किसानों और पुलिस के बीच झड़प
राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान मंगलवार को दिल्ली आंदोलन की तरह ही चंडीगढ़ की ओर बढ़ रहे हैं. मोहाली पुलिस ने उन्हें सीमा पर रोकने का प्रयास किया. लेकिन इस दौरान किसानों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दीं और इसके बाद किसानों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई है.
#WATCH | Mohali, Punjab | Farmers under the aegis of various farmer unions march towards Chandigarh to protest against the state govt to fulfill their various demands pic.twitter.com/modOZVLGs0
— ANI (@ANI) May 17, 2022


