शिक्षकों द्वारा दिए गए उत्तरों को सत्यापित करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। यह कमेटी अब तक प्राप्त आवेदनों की सत्यता की जांच करेगी। संबंधित को दिए गए कारणों के लिए अपने दस्तावेज जमा करने होंगे। विभागीय विधि प्रभारी बलवीर सिंह तोमर ने कहा कि हमने जवाबों की जांच शुरू कर दी है। जिन शिक्षकों ने तीसरे बच्चे को गोद लेने की या टीटी ऑपरेशन फेल होने की बाद कही है, उनसे दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। हम कोशिश करते हैं कि जल्द से जल्द जांच हो। उन्होंने कहा कि कुछ शिक्षकों के जुड़वां बच्चे होने के बाद भी तीन बच्चे हुए हैं, लेकिन वे कार्रवाई के दायरे में नहीं आ रहे हैं।
तीसरे बच्चे के मामले में 955 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। इनमें से अब तक 160 शिक्षकों ने जवाब दिया है। उत्तर को सत्यापित करने के लिए एक समिति भी बनाई गई है, जो संयुक्त रूप से विभागीय जांच कर रही है। स्पष्टीकरण नहीं देने वाले शिक्षकों के खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई कर तीन माह के अंदर प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।


