जीएसटी दरों में कटौती पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल का हमला, बोले – यह राहत नहीं, वसूली में मामूली कमी है

कोरबा। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने केन्द्र सरकार द्वारा कुछ वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती को भ्रामक करार देते हुए कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने 2017 में “गब्बर सिंह टैक्स” लागू कर आम जनता और छोटे व्यापारियों पर लगातार बोझ डाला। अब आंशिक कमी कर इसे “बड़ी राहत” बताना जनता के विवेक के साथ छल है।

अग्रवाल की आपत्तियाँ

  • जनता से वर्षों तक ऊँचे कर वसूले गए, अब मामूली कमी को राहत बताना भ्रामक है।

  • चुनिंदा वस्तुओं की दरें घटाकर वाहवाही लूटी जा रही है, जबकि बाकी क्षेत्रों पर बोझ जस का तस है।

  • बार-बार बदलती दरों से छोटे और मध्यम व्यापारी अस्थिरता और घाटे से जूझ रहे हैं।

  • वसूले गए कर का पारदर्शी और जनकल्याणकारी उपयोग सामने नहीं आया।

क्षेत्रीय असर

  • दवाइयाँ – कुछ जीवनरक्षक दवाएँ टैक्स-फ्री, बाकी पर 5% जीएसटी से छोटे मेडिकल स्टोर परेशान।

  • स्टेशनरी – पेंसिल, पेन, कॉपी पर राहत, लेकिन अन्य स्कूल आइटम्स पर टैक्स कायम।

  • ऑटोमोबाइल – छोटे वाहन थोड़े सस्ते, जबकि बड़ी कारें व हाई-एंड बाइक महंगी; डीलरों को नकदी संकट।

  • निर्माण क्षेत्र – सिमेंट पर दर 28% से 18% हुई, लेकिन कंपनियों ने कीमतें बढ़ा दीं, जिससे लाभ जनता तक नहीं पहुंचा।

अपेक्षाएँ

अग्रवाल ने सरकार से जीएसटी ढांचे की व्यापक समीक्षा, आवश्यक वस्तुओं पर न्यूनतम कर, छोटे व्यापारियों को राहत, पुराने स्टॉक पर टैक्स क्रेडिट की सुविधा और राज्यों की राजस्व हानि की भरपाई की मांग की।

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