छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी अंतिम चरण में हैं। सरकार ने तय कर दिया है कि बोर्ड परीक्षाएं इस बार ऑफलाइन होगी। यानी केंद्रों पर जाकर परीक्षा देनी होगी। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल इस बार परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ा रहा है। इन केंद्रों में कोरोना से संक्रमित विद्यार्थियों के लिए भी परीक्षा की विशेष व्यवस्था करने की बात की जा रही है।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष डॉ. आलोक शुक्ला ने दैनिक भास्कर को बताया, “इस बार 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षा तय समय सारिणी के हिसाब से कराई जाएंगी। यह परीक्षा केंद्रों पर ही कराई जाएगी। परीक्षा कितने केंद्रों पर कराई जाएगी यह अभी तय नहीं हुआ है। इसके निर्धारण की प्रक्रिया जल्दी पूरी कर ली जाएगी।’
शाम को माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव वी.के. गोयल ने बताया, प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल से मान्यता प्राप्त 6 हजार 787 स्कूल हैं। इन सभी 6 हजार 787 स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। जो विद्यार्थी जहां पढ़ाई कर रहा है, वहीं परीक्षा देगा। प्राइवेट फार्म भरने वाले उस स्कूल में परीक्षा देंगे जहां से उन्हाेंने आवेदन किया है। ऐसा शारीरिक दूरी के नियम का पालन कराने के लिए किया जा रहा है। 2021 में 10वीं-12वीं बोर्ड के लिए 4 हजार 519 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। तब परीक्षा नहीं हो पाई थी।
इससे पहले बोर्ड ने प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए वाह्य परीक्षक की अनिवार्यता को खत्म कर दिया था। प्राचार्यों को यह जिम्मेदारी दी गई थी कि वे स्कूल से ही एक परीक्षक नियुक्त कर प्रायोगिक परीक्षाएं करा लें। प्रायोगिक परीक्षाएं 31 जनवरी तक होनी थी, लेकिन अधिक कोरोना संक्रमण वाले जिलों को बाद में भी कराने की छूट मिली थी।
कोरोना संक्रमित के लिए अलग व्यवस्था
माध्यमिक शिक्षा मंडल इस बार कोरोना संक्रमित परीक्षार्थी के लिए अलग व्यवस्था पर विचार कर रहा है। बताया गया, संक्रमण की स्थिति में परीक्षार्थी को केंद्र प्रभारी को सूचना देनी हाेगी। उसके बाद उस विद्यार्थी के लिए अलग कमरे में बैठने की व्यवस्था की जाएगी। इस कक्ष में निरीक्षक आदि पीपीई किट पहनकर जाएंगे।


