Homeमनन चिंतन चिंतन मनन by News Editor January 9, 2023 Share FacebookXPinterestWhatsApp एक पुस्तक कितनी भी पुरानी हो जाए उसके शब्द नहीं बदलते, अच्छे संबंधों की भी यही पहचान है… काँच के टुकडे बन कर रहेंगे तो कोई तुम्हें छुऐगा भी नहीं, जिस दिन दर्पण बन जाओगे तो बिना तुम्हें देखे कोई रहेगा भी नहीं..!! . Previous articleफ्लाइट में नशेड़ियों ने मचाया हंगामा : एयर होस्टेस और कैप्टन से मारपीट, छेड़छाड़ भी की, खुद को नेता का बता रहे थे करीबीNext articleशीतलहर की चपेट में छत्तीसगढ़ : 2 डिग्री तक पहुंचा पारा, मौसम विभाग ने जारी किया अलर् News Editor Recent Stories CG News : कांग्रेस का बड़ा वार ‘आमानाका चौपाटी बनी नशेड़ियों का अड्डा, बोरी में भरकर बेची जा रही बोतलें’ Rajya Sabha Election 2026 : छत्तीसगढ़ से बिहार तक धमक विजय शर्मा को भाजपा ने बनाया केंद्रीय पर्यवेक्षक, राज्यसभा सीटों पर जिताने की जिम्मेदारी World War 3 Nuclear Threat India : वर्ल्ड वार-3 का अलार्म एक्सपर्ट्स बोले—परमाणु युद्ध के बाद केवल ये 2 देश ही बचेंगे Kalashtami 2026 Puja : काशी के कोतवाल की बरसेगी कृपा कालाष्टमी पर काले कुत्ते को खिलाएं ये खास चीज, दूर होगी दरिद्रता S Jaishankar Rajya Sabha : वेस्ट एशिया में महायुद्ध की आहट मोदी सरकार का इवैक्युएशन प्लान तैयार, अब तक 67,000 की वतन वापसी