खरगोश ने वन विभाग और पुलिसकर्मियों के छुड़ाए पसीने, जानिए पूरा किस्सा

उत्तर प्रदेश(Uttar Pardesh) के रामपुर(Rampur) में सात साल पहले आजम खान(Azam khan) की भैंस चोरी होने पर पुलिस विभाग की नींद उड़ गई थी। यहां तक की भैंसों को खोजने के लिए पुलिस के साथ—साथ प्रशासन को जुटना पड़ा था। अब नया मामला गाजियाबाद से सामने आ रहा है। जहां एक गाजियाबाद (Ghaziabad) के कविनगर थाना एरिया से एक महिला का खरगोश चोरी(Rabbit Stealing) होने का मामला सामने आया है। लाल कुंआ की रहने वाली एक महिला ने 28 मई को साहिबाबाद थाने में खरगोश चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि पहले तो बड़ी मशक्कत के महिला की एफआईआर दर्ज हुई। अब उसने खरगोश को तलाशने के लिए थाने में जमकर हंगामा किया। उसकी हालत को देखते हुए पुलिस के सीनियर अफसरों ने खरगोश को खोजने के लिए आनन—फानन में तीन टीमों को गठन किया। आरोप है कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर खरगोश को नहीं तलाशा। महिला का कहना है कि जिसके बाद पुलिस के सीनियर अफसरों से भी खरगोश को तलाशने की मांग की गइ्र थी।

पुलिस की तीनों टीमों ने वन विभाग की टीम के साथ मिलकर खरगोश की तलाश शुरू कर दी। खरगोश की तलाश कर रही पुलिस और वन विभाग की टीम को सोमवार रात कामयाबी मिल गई। बताया गया है कि लालकुआं निवासी देवांती पिछले लंबे समय से खरगोश पाल रही है। वन विभाग के केयर टेकर संजय को उन्होंने एक खरगोश रखने के लिए दिया था। महिला का कहना है कि संजय ने किसी भी कागजी कार्रवाई से इनकार कर दिया था। बाद में महिला ने उसे खरगोश मांगा तो आरोप है कि उसने गायब होने के बारे में बताया। महिला ने संजय समेत तीन पर खरगोश चोरी होने की आंशका जताते हुए साहिबाबाद पुलिस में तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस और वन विभाग की टीम ने 7 दिन तक खरगोश की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया। सोमवार को उन्हें कामयाबी मिली। मादा खरगोश ने दो बच्चों को भी जन्म दिया है। साहिबाबाद थाना प्रभारी नागेंद्र चौबे का कहना है कि महिला को खरगोश और उसके बच्चों को सुपुर्द कर दिया गया है।

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