कांग्रेस में अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले ही पार्टी में दरार दिखने लगी है। पार्टी के कई सीनियर नेता इस पर अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं। अब कांग्रेस के 5 सांसदों ने पार्टी के सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी (CEA) के चीफ मधुसूदन मिस्त्री को लेटर लिखा है। लेटर में सांसदों ने पार्टी अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया को लेकर चिंता व्यक्त की है। सांसदों में मनीष तिवारी, शशि थरूर, कार्ति चिदंबरम, प्रद्युत बोरदोलोई, अब्दुल खलीक का नाम शामिल है।
इन सांसदों ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए निष्पक्ष चुनाव न होने को लेकर आशंका जताई है। उन्होंने मिस्त्री से अपील की है कि वोटिंग में हिस्सा लेने वाले और संभावित उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया शुरु होने से पहले कांग्रेस कमेटी के डेलीगेट की लिस्ट उपलब्ध करवाई जाए।
सांसदों ने लेटर में कहा कि उनका मतलब ये कतई नहीं है कि पार्टी के किसी आंतरिक दस्तावेज को ऐसे ढंग से जारी किया जाए कि इसका किसी भी तरीके से दुरुपयोग हो। CEA ने मधुसूदन मिस्त्री से आग्रह किया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के निर्वाचक मंडल की लिस्ट वोटिंग में हिस्सा लेने वालों और संभावित उम्मीदवारों को दी जाए।
6 सितंबर को लिखी गई थी लेटर
लेटर में यह भी कहा गया कि मतदाताओं और उम्मीदवारों से सभी 28 PCC और नौ केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट वेरिफाइ करने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। निर्वाचक मंडल में शामिल PCC प्रतिनिधियों की सूची निर्वाचकों को उपलब्ध कराने से उम्मीदवार किसी भी तरह की गैरजरूरी मनमानी को दूर कर सकेंगे।
रिपोर्ट् के मुताबिक यह लेटर भारत जोड़ो यात्रा अभियान शरू होने के एक दिन पहले छह सितंबर को लिखी गई थी। सांसदों ने पहले यह लिस्ट सार्वजनिक करने का आग्रह किया था, जिससे मिस्त्री ने साफ इनकार कर दिया था।


