भिलाई शहर की होली फूलों से बने गुलाल से सराबोर होगी। भिलाई नगर निगम के प्रशिक्षण के बाद यहां के गौठानों में महिला समूहों ने फूलों से रंग बिरंगा गुलाल तैयार किया है। महिला समूह द्वारा इस गुलाल को 70 रुपए किलो में बेचा जा रहा है। खास बात ये है कि इससे आपके त्वचा को भी नुकसान नहीं पहुंचेगा।
महिला समूहों से महापौर, आयुक्त और सभापति ने भी फूलों से बने गुलाल को खरीदा है। महापौर ने लोगों से अपील की है कि सिंथेटिक कलर छोड़कर इस बार सभी लोग हर्बल गुलाल से होली खेलें। इससे न सिर्फ होली की खुशियां दोगुनी होगी, बल्कि आंख व त्वचा को कोई नुकसान नहीं होगा। आम लोगों ने भी इस गुलाल को खरीदा है।
स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने होली पर्व को देखते हुए फूलों से गुलाल बनाने का काम शुरू किया था। इस गुलाल का रेट उन्होंने 70 रुपए किलो रखा तो उनका पूरा का पूरा गुलाल हाथों हाथ बिक गया। लोगों की डिमांड को देखते हुए महिला समूह ने 30 किलो गुलाल और तैयार करने की बात कही है।
यहां स्व-सहायता समूह की महिलाएं पहले मंदिरों में चढ़ने वाले फूलों को एकत्र करती हैं। इसके बाद उसे सुखाकर फूलों से गुलाल बनाने का कार्य करती हैं। महिलाओं का कहना है कि गेंदा, गुलाब, सेवंती, कमल जैसे फूलों का उपयोग गुलाल बनाने के लिए किया जा रहा है। महिलाओं ने इन फूलों से गुलाबी, हरा, जामुनी, संतरा, पीला और लाल रंग का गुलाल तैयार किया है। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने जितना भी गुलाल तैयार किया था। वह पूरा का पूरा बिक गया है।
अगली बार अधिक मात्रा तैयार किया जाएगा गुलाल
गायत्री स्व-सहायता समूह से अर्चना नागवंशी, पूनम साहू और सुलोचना धनकर ने गुलाल तैयार करने में काफी मदद की। उन्होंने इसे बेचने के लिए सुपेला लक्ष्मी मार्केट, कोहका एवं निगम परिसर में स्टाल लगाया था। इसके अलावा लोगों ने शहरी गौठान पहुंचकर ही वहां से गुलाल खरीद लिया। महिलाओं का कहना है कि पहली बार उन्होंने कम मात्रा गुलाल तैयार किया है। पहली बार ही इतनी डिमांड है कि वो गुलाल का उत्पादन नहीं कर पा रही है। अगली बार वो लोग पहले से तैयारी करेंगी और बड़ी मात्रा में गुलाल तैयार करेंगी।


