भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर 2+2 वार्ता के लिए 5 दिनों के अमेरिका दौरे पर हैं। दोनों मंत्रियों ने सोमवार को अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से अलग अलग मुलाकात की। इस दौरान रक्षा सहयोग के साथ कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
सबसे पहले राजनाथ सिंह ने वॉशिंगटन में लॉयड ऑस्टिन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों मंत्रियों ने इंडो-पैसिफिक रीजन में सहयोग बढ़ाने और डिफेंस पार्टनरशिप को मजबूत करने पर चर्चा की। ऑस्टिन ने चीन की तरफ से हिंद प्रशांत महासागर में की जा रही दखलअंदाजी को लेकर भी भारत को पूरी मदद का भरोसा दिया।
दूसरी तरफ विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी अमरीकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के इंपोर्ट-एक्सपोर्ट, ग्लोबल सिक्योरिटी, जलवायु परिवर्तन और कोरोना जैसे कई मुद्दों पर मिलकर काम करने पर चर्चा हुई।
राजनाथ सिंह: कोरोना के वक्त अमेरिकी सरकार ने हमें बहुत समर्थन दिया। हम उनका धन्यवाद देते है। ये बैठक भारत और अमेरिका के बीच बहुत महत्वपूर्ण है। सिंह ने अमेरिकी कंपनियों को डिफेन्स, एयरोस्पेस और मेक फॉर इंडिया वर्ल्ड प्रोग्राम के लिए भारत आने का न्यौता दिया। LEMOA (लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) के तहत हमने साइबर डिफेन्स के सहयोग के बारे में भी बात की है।
लॉयड ऑस्टिन: अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा कि हम संयुक्त समुद्री बल मरीन में शामिल होने के भारतीय नेवी के फैसले का स्वागत करते हैं। इस बैठक में यह फैसला किया गया कि दोनों देशों की सेनाएं किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। भारत-अमेरिका संबंध इंडो-पैसिफिक सुरक्षा की आधारशिला है।


