Wednesday, February 4, 2026

अंतर्राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भारत के लिए स्वर्ण पदक लेकर आई कमला नेहरू काॅलेज की होनहार छात्रा कुसुम साहू हुई सम्मानित

कोरबा। प्रथम साउथ एशियन गोल शॉट बॉल चैंपियनशिप में नेपाल से भारत के लिए स्वर्ण पदक लेकर आने वाली कोरबा जिले की बेटी कुसुम साहू का कमला नेहरू महाविद्यालय समिति एवं प्राध्यापकों ने सम्मान किया। समिति के अध्यक्ष किशोर शर्मा ने काॅलेज की इस होनहार छात्रा एवं अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी को 2100 रुपये का नकद पुरस्कार व ट्राॅफी प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर समिति के सहसचिव उमेश लाम्बा एवं प्राचार्य डाॅ प्रशांत बोपापुरकर समेत महाविद्यालय के प्राध्यापकगणों ने उपस्थिति दर्ज कराते हुए उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।

यह चैम्पियनशिप नेपाल के पोखरा शहर में 16 से 19 दिसंबर तक आयोजित की गई थी। जिसमें भारतीय टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इस शानदार उपलब्धि में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की बेटी कुसुम साहू का योगदान बेहद गौरवपूर्ण रहा, जिसने अपनी खेल प्रतिभा से पूरे जिले का नाम रोशन किया। कमला नेहरु महाविद्यालय में बीएससी (जीवविज्ञान) तृतीय सेमेस्टर की छात्रा कुसुम पुरानी बस्ती, भंडारी चैक निवासी संपत लाल साहू व श्रीमती धनलक्ष्मी साहू की बेटी हैं। उसके पिता पेशे से ट्रक चालक हैं और अपनी लाडली को एक पहचान दिलाने हर संभव कोशिश कर रहे हैं। अपने माता-पिता के विश्वास पर खरा उतरने कुसुम भी दिन-रात कड़ी मेहनत कर रही है, जिसके फलस्वरुप दिसंबर 2025 में उसने यह अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की। कुसुम की इस सफलता पर गर्व जताते हुए कमला नेहरु महाविद्यालय समिति ने उसे उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया है।

गोल शाॅट बाॅल एक हैंडबॉल जैसा टीम गेम है, जिसमें खिलाड़ी गेंद को हाथ से फेंककर विरोधी टीम के गोल में डालने की कोशिश करते हैं। कुसुम साहू गोल शाॅट बाॅल की नेशनल रेफरी है और साथ ही उसे छत्तीसगढ़ एसोसिएशन में कोषाध्यक्ष की भी जिम्मेदारी दी गई है। कुसुम में बताया कि इसी माह 31 जनवरी को तिरुपति में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में वह नेशनल रेफरी के रुप में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने जा रही है।

कुसुम साहू ने बताया कि इस स्पर्धा में कई देश की टीम और खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। वह छत्तीसगढ़ की टीम में शामिल थी। इस लेवल पर जगह बनाने वह पिछले कई वर्षों से मेहनत कर रही हैं और गोल शाॅट बाॅल में आगे और खेलना चाहती हैं ताकि वह भारत और छत्तीसगढ़ समेत कोरबा का नाम और रोशन कर सके। ट्रक चालक के रुप में किसी तरह परिवार की आर्थिक जरुरतें पूरा करने की कोशिश कर रहे उसके पिता भी बेटी को उसके लक्ष्य तक पहुंचाने हर संभव सहयोग प्रदान कर रहे हैं

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