बता दें कि, पुलिस स्थापना बोर्ड के निर्णय के अनुसार डीजीपी जुनेजा ने बड़े पैमाने में तबादले का आदेश जारी किया है. आलम ये है कि पुलिस विभाग ने जो तबादले का आदेश जारी किया है उसमें से पुलिसकर्मी की मौत हो चुकी है. ऐसे में पुलिस विभाग की घोर लापरवाही की पोल खुलते नजर आ रही है. पुलिस विभाग और डीजीपी जुनेजा तबादले को लेकर इतने मशगुल थे कि जीवित और मृत व्यक्ति में भी अंतर करना ही भूल गए. जारी आदेश में 288 नंबर पर आरक्षक तस्लीम आरिफ खान का नाम है, जिनका तबादला कोरबा से मुंगेली किया गया है. अब सवाल ये उठता है कि एक मुर्दा ड्यूटी पर कैसे मौजूद होगा. डीजीपी जुनेजा के आदेश जारी करने के बाद पुलिस विभाग के कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े होने लगे हैं.


