खैरागढ़ में होने वाले उप चुनाव में गिनती के दिन बाकी रह गए हैं। ऐसे में राजनीतिक दल प्रत्याशियों के समर्थन में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इसे विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल बता चुके हैं। इसके बाद उन्होंने खुद ही मोर्चा संभाल रखा है। मंगलवार को CM बघेल डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए जाएंगे। इसके बाद खैरागढ़ में जनसभाएं करेंगे।
मुख्यमंत्री के तय शेड्यूल के मुताबिक, CM बघेल दोपहर करीब 1 बजे डोंगरगढ़ पहुंचेंगे। वहां मां बम्लेश्वरी का दर्शन और पूजा-अर्चाना के बाद सीधे खैरागढ़ के लिए रवाना हो जाएंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में खैरागढ़ विधानसभा के अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। इसी के तहत मंगलवार को पांच स्थानों पर उनकी जनसभा होगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहली जन सभा दोपहर 2.05 बजे गंडई में होगी। इसके बाद दोपहर 3.10 को रोड अतरिया, शाम 4.10 बजे बुंदेली, शाम 5.10 बजे उदयपुर और शाम 6.10 बजे पद्मावतीपुर में आमसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद शाम 7 बजे रायपुर लौट जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री भी आज से हैं दौरे पर
वहीं केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल का भी आज से 3 दिवसीय छत्तीसगढ़ का दौरा शुरू हो रहा है। वे मंगलवार शाम 7.45 बजे रायपुर पहुंचेंगे। वहां BJP कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे। इसके बाद भिलाई के विश्राम गृह में रात्रि विश्राम करेंगे। फिर 6 और 7 अप्रैल को खैरागढ़ में प्रचार प्रसार करेंगे। जानकारी के अनुसार केंद्रीय मंत्री साल्हेवारा और छुईखदान में सभा को संबोधित कर सकते हैं।
12 अप्रैल काे मतदान, 16 को नतीजे
खैरागढ़ सीट पर मतदान 12 अप्रैल को होना है। 16 अप्रैल को मतगणना और परिणाम जारी होंगे। 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के देवव्रत सिंह ने इस सीट पर भाजपा की कोमल जंघेल को केवल 870 वोटों के अंतर से हराया था। नवम्बर 2021 में देवव्रत सिंह का निधन हो गया। इसके बाद से यह सीट खाली है।
यशोदा वर्मा, कोमल जंघेल, नीरज सोनी सहित 10 उम्मीदवार
खैरागढ़ उप चुनाव के लिए कांग्रेस, BJP और JCCJ सहित 10 उम्मीदवार मैदान में हैं। कांग्रेस ने खैरागढ़ ब्लॉक कांग्रेस की अध्यक्ष यशोदा वर्मा को टिकट दिया गया है। वहीं BJP ने पूर्व विधायक काेमल जंघेल को टिकट दिया है। कोमल पहले भी दो बार खैरागढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। 2018 का आम विधानसभा चुनाव वे महज 870 वोटों के अंतर से हारे थे। जबकि JCCJ ने अधिवक्ता और स्व. देवव्रत सिंह के बहनोई नरेंद्र सोनी को उम्मीदवार बनाया है।


