अवैध कब्जा हटाने को लेकर बवाल:आपस में भिड़े दुकानदार, पिता को नाली में, बेटे को चलती ट्रक के सामने फेंका; पुलिसकर्मियों का सिर फोड़ा

कांकेर में मुख्यमंत्री के दौरे से दौरे से ठीक दो दिन पहले जमकर बवाल हुआ। अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान दुकानदार ही आपस में भिड़ गए। दुकानदार और उसके कर्मचारियों ने पिता-पुत्र की जमकर पिटाई कर दी। पिता को नाली में और बेटे को उठाकर चलती ट्रक के सामने फेंक दिया। सूचना मिलने पर SI के साथ दो पुलिस कांस्टेबल पहुंचे तो उन्हें भी बुरी तरह पीटा और सिर फोड़ दिया। तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

दरअसल, भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 31 मई से 2 जून तक कांकेर दौरे पर आने वाले हैं। एक जून को वे पंखाजूर पहुंचेंगे। उनके दौरे को देखते हुए प्रशासन तैयारियों में जुटा है। अतिक्रमण हटाने की भी कार्रवाई की जा रही है। पुराने बाजार चौक पर दुकानों के बाहर आगे तक निकले शेड और सड़क पर डाली गई मिट्‌टी को हटाने काम चल रहा था। वहीं मुखर्जी साइकिल स्टोर के संचालक अरूण मुखर्जी ने भी मिट्‌टी डाल रखी थी।

मुखर्जी की साइकिल दुकान के पास ही साधना सुजुकी नाम से प्रभात हालदार उर्फ बंटी का भी शोरूम है। बताया जा रहा है कि अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रभात किसी नेता को फोन पर गाली दे रहा था। इस दौरान अरुण मुखर्जी के बेटे अभिजीत ने इसका वीडियो बना लिया। इसकी जानकारी प्रभात को लगी तो गुस्से में मुखर्जी साइकिल स्टोर पहुंचा। वहां दुकान में बैठे अरूण मुखर्जी और उसके बेटे अभिजीत से झगड़ा करने लगा।

साइकिल दुकानदार पर कब्जे का आरोप लगा शुरू किया विवाद

प्रभात हलदार का कहना था कि साइकिल दुकान के कब्जे के कारण ही प्रशासन की टीम पहुंची और उनकी दुकानों का भी कब्जा हटा दिया। इस बार बात बढ़ गई और विवाद शुरू हो गया। इसमें प्रभात की दुकान के कर्मचारी महिम विश्वास, साजन साना के अलावा पड़ोसी दुकानदार गोविंद कुंडू, तरूण हालदार, साहिल मजुमदार भी शामिल हो गए। आरोप है कि उन्होंने अरुण मुखर्जी और उसके बेटे अभिजीत की पिटाई शुरू कर दी।

दुकान का सिर सीढ़ी पर पटका

सबने मिलकर अभिजीत का सिर सीढ़ी पर पटका। फिर उसके पिता अरूण मुखर्जी को पीटते हुए गहरी नाली में फेंक दिया। इससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। इसके बाद फिर से अभिजीत की ओर दुकानदार बढ़े और उसे सड़क पर आ रहे ट्रक के सामने फेंक दिया। गनीमत रही कि चालक ने तत्काल ही ब्रेक लगा दिया, जिससे अभिजीत की जान बच गई। मौका मिलते ही बेटे अभिजीत थाने पहुंचा और घटना की जानकारी दी।

सिपाही को बेहोश होने तक पीटा

इस पर थाने से SI सत्यम साहू, कांस्टेबल संदीप जैन और इंद्रजीत बाइक से मौके पर पहुंचे। साइकिल दुकान संचालक अरुण मुखर्जी की पिटाई कर रहे आरोपी दुकानदारों ने पुलिसकर्मियों को भी गाली देना शुरू कर दिया। आरोप है कि जान से मारने की धमकी देते हुए रॉड से प्रभात ने कांस्टेबल संदीप जैन के सिर पर वार कर दिया। जबकि अन्य आरोपी साजन साना, महीम, तरूण हालदार ने कांस्टेबल संदीप को बेहोश होने तक पीटा।

पुलिस पेट्रोलिंग गाड़ी पहुंची तो बची जान

इसके बाद प्रभात ने दूसरे कांस्टेबल इन्द्रजीत पर भी लोहे की रॉड से हमला किया। जिससे इन्द्रजीत के पैर में भी चोट आई। फिर SI सत्यम को भी पीटा। बवाल और पुलिसकर्मियों की पिटाई की सूचना पर पेट्रोलिंग गाड़ी पहुंची और बीच बचाव कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। SI सत्यम साहू के अनुसार समय पर पेट्रोलिंग गाड़ी नहीं आती तो उनकी जान जा सकती थी। हमले में दुकानदार अरूण, उसके बेटे अभिजीत के साथ 3 जवान घायल हैं। इनमें एक कांस्टेबल की हालत गंभीर बताई जा रही है।

डर ऐसा कि 200 की भीड़ में कोई नहीं आया सामने
बताया जा रहा है कि आरोपी प्रभात हालदार के परिवार का क्षेत्र में दबदबा है। मारपीट के दौरान पुराना बाजार में घटनास्थल पर 200 से अधिक लोग जमा थे। इसके बावजूद किसी ने बीच-बचाव नहीं किया। कुछ ने बोलने की कोशिश की तो उन्हें भी पीवी-25 से लोगों को बुलवाकर जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपियों के आतंक का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि बीच-बचाव करने पहुंची पुलिस पर भी उन्होंने जानलेवा हमला कर दिया।

आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए
पुलिस ने हत्या की कोशिश के दो और सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया है। एक पुलिस की ओर से हत्या के प्रयास का और दूसरा साइकिल दुकान संचालक की ओर से रिपोर्ट कराई गई है। इसमें प्रभात हालदार, महेंद्र विश्वास, साजन साना और तरूण हालदार को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया है।

पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
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