नई दिल्ली, रूसी मिसाइल S-400 और रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत और अमेरिका के संबंधों में काफी तल्खी आई है। खासकर रूस यूक्रेन युद्ध के बाद तो दोनों देशों के संबंधों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। ऐसे में अमेरिका का यह बयान भारत और अमेरिका के संबंधों के लिए काफी अहम है। पहली बार अमेरिका ने भारत और रूस के रिश्तों को स्वीकार किया है। आइए जानते हैं कि बाइडन प्रशासन के इस दृष्टिकोण के क्या मायने हैं। इसके क्या बड़े कूटनीतिक निहितार्थ है। अमेरिका के इस बयान से चीन और पाकिस्तान की चिंता क्यों बढ़ गई है।


